गजरौला। बिजलीघर में 40 एमवीए ट्रांसफार्मर की मरम्मत के कारण फैक्ट्रियों की निर्बाध आपूर्ति बाधित हो रही है। वहीं को कौती करके बिजली दी जा रही है। यह दिक्कत अभी तीन दिन तक मरम्मत कार्य चलने के कारण और झेलनी पड़ेगी।औद्योगिक नगरी स्थित . 132 केवी बिजलीघर में 100 एमवीए के विभिन्न ट्रांसफार्मरों के द्वारा ट्रांसमिशन डिस्ट्रीब्यूशन को करीब तीन सौ एम्पीयर लोड उपलब्ध कराता है। इन ट्रांसफार्मरों में से एक 40 एमवीए ट्रांसफार्मर की गैस किट में तकनीकी दिक्कत आ गई। जिसे दुरुस्त कराने के लिए ट्रांसमिशन के अवर अभियंता सतीश कश्यप ने दो दिन से शटडाउन ले रखा है। जेई ने बताया कि तकनीकी कर्मियों को जुटा ट्रांसफार्मर की गैस किट बदलने का कार्य चल रहा है। यह मरम्मत कार्य बुधवार तक चलेगा। इस मरम्मत के कारण टेवा फैक्ट्री को छोड़ बाकी को आपूर्ति बारी-बारी से दी जा रही है। जिससे एक-दो घंटे की प्रति फीडर की आपूर्ति बाधित हो रही है। मरम्मत कार्य पूर्ण होने पर फैक्ट्रियों को पूर्व की भांति निर्वाध आपूर्ति मिलेगी। इधर, डिस्ट्रीब्यूशन की लापरवाही के कारण करीब दो माह से यूपीएसआईसी बिजलीघर को आपूर्ति करने वाला भूमिगत केबिल आज भी खराब पड़ा है। विभाग ने इस बिजलीघर को नाई पुरा बिजलीघर को जाने वाली एचटी लाइन से जोड़ रखा है। जिस कारण यह लाइन दो बिजलीघरों का लोड झेलते में नाकाम साबित हो रही है। फाल्ट होने पर नाईपुरा एवं यूपीएसआईडीसी बिजलीघरों की आपूर्ति हर रोज प्रभावित हो रही है। जिससे रौनक, पेपर मिल. एएसपी समेत आधा दर्जन से अधिक फैक्टियों को बीच में बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है। उसके बावजूद महकमा यूपीएसआईडीसी बिजलीघर को आपूर्ति करने वाले भूमिगत केबिल को दुरुस्त करने में कोई रूचि नहीं ले रहा है। जिससे फैक्ट्री प्रबंधन को हर रोज बिजली संकट झेलना पड रहा है।
बिजलीघर की मरम्मत से प्रभावित हो रही फैक्ट्रियों की बिजली