इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऐसे समय जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है, जम्मू कश्मीर के लिए अधिवास (डोमिसाइल) कानून में बदलाव का भारत का फैसला "निंदनीय" है। पाकिस्तान विदेश कार्यालय की प्रवक्ता आइशा फारूकी ने कहा कि छह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने हाल ही में एक संयुक्त बयान में रेखांकित किया था कि कोविङ-19 का मुकाबला करने के लिए किए गए उपायों में हर व्यक्ति के मानवाधिकारों का सम्मान करना चाहिए और पांच अगस्त 2019 के बाद गिरफ्तार किए गए सभी राजनीतिक कैदियों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं तथा अन्य लोगों को तुरंत रिहा करना चाहिए। प्रवक्ता ने क्षेत्र के नए अधिवास कानून की भी निंदा की। नए कानून के तहत, जम्मू-कश्मीर में 15 साल से रहने वाला कोई व्यक्ति या सात साल तक पढ़ाई करने वाला तथा केंद्र शासित प्रदेश में स्थित किसी शैक्षणिक संस्थान से कक्षा 10 और कक्षा 12 की परीक्षाओं में शामिल होने वाला व्यक्ति निवासी है। उन्होंने कहा कि यह कानून भारत का एक और अवैध कदम है।
पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के लिए अधिवास कानून को लेकर भारत की आलोचना की